जिसे प्यार कहा तुम्ने
जूनुन समझा मैने।
जिसे सिर्फ दूरिया समझा तुमने
तन्हा महसुस किया मैने।
जब तुम्हे पुकारता था मै लम्हे दर लम्हे
सिर्फ चिख सुना दिया तुम्हे।
और जब हकिकत मे जी रहा थे मै
नाटक नाम दे दिया तुम्ने।