जिस बाप बच्चो को धन नही छोडता
वहा बटवारो के नाम पर भाई भाई वीच कलह नही होता।
और जिस बाप गम नही लेता- होने पर भी
वहा बच्चा चैन से सो पाता- चाहे रात हो या दिन मे भी।

जिस बाप सच ही बोलता हो और सिकाता भी हो
उसके औलाद कभी ठगते नही- चाहे उसे हो या औरो को।
और जिस बाप सादगी से जीवन जी लेता है
उसके बच्चे उससे ज्यादा कुछ मांगते नही है।

बाप का बच्चे पर होता बडा प्रभाव
सब भर पडता है उसका अपना रवाफ।
बाप अपने आप बनने पर ही बनाता है बच्चो को भी
इसलिए उसकी औकात से ज्यादा मायने रखता है उसकी छोटी छोटी कामयाबी।